
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को 11 बजे शुरू होगा। 10 दिन तक चलने वाला सत्र 9 सितंबर तक चलेगा। चौदहवीं विधानसभा के छठे सत्र के पहले दिन विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित कर हंगामा कर सकता है। सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होगा।
सोमवार को विधानसभा परिसर शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र में सदस्यों से कुल 936 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इन्हें नियमानुसार सरकार को भेजा गया है। प्रश्नों के माध्यम से जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उनमें मुख्यतया स्कूलों का विलय, प्रदेश में हाल में भारी वर्षा, बाढ़, प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, कॉलेजों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों आदि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा, परिवहन व्यवस्था, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि आदि पर आधारित हैं।
सदस्यों ने प्रश्नों के माध्यम से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी उजागर किया है। इसके अतिरिक्त नियम 62 के तहत 7, नियम 63 के तहत 1, नियम 101 के तहत 10 सूचनाएं, नियम 130 के तहत 20 और नियम 324 के तहत 4 सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई हैं। इन्हें भी आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित किया गया है। सत्र में इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। पूर्व में पारित 5 बिलों पर राज्यपाल ने स्वीकृति दी है और इन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा। इन्हें अधिनियम के रूप में जाना जाएगा।
